Land Registry Rule : 117 साल पुराना नियम खत्म जमीन की खरीद बिक्री का, अब नए नियम के तहत होगी रजिस्ट्रेशन।
प्यारे साथियों जैसा कि आप सभी लोगों को यह तो पता ही है कि इस समय भूमि विवाद कितना बढ़ गया है क्योंकि भूमि विवाद में इतना ज्यादा समस्या हो गया है कि आप जमीन खरीदने से पहले 100 बार सोचते हैं की जो इस जमीन को मैं खरीद रहा हूं या विवादित जगह है।
इसकी लिए आप लोग बेहतर जगह जमीन को भी छोड़ देते हैं इस पर सरकार भी अब काफी एक्टिव हो गई है और भूमि विवादों को लेकर तरह-तरह की कानून ला रहे हैं अब यदि आप लोग भी भूमि खरीद रहे हैं तो इस नए नियम को जरूर जान लेता कि आप लोगों को किसी भी प्रकार की खरीदने पर भूमि को विवाद ना हो क्या है पूरी जानकारी इस आर्टिकल के द्वारा आप लोगों को बताया जा रहा है।
आप सभी को बता दें कि वर्ष 2026 में भूमि पंजीकरण के संबंधित नियमों में कई तरह के बदलाव किए जाने पर चर्चा किया जा रहा है आईए जानते हैं क्या कुछ है पूरी खबर विस्तार से।
आधार आधारित सत्यापन जरूरी।
सरकार के तरफ से आधार आधारित सत्यापन प्रणाली को भी प्रस्तावित किया गया है इसमें नागरिकों को सहमत आवश्यक होगी जो लोग आधार नंबर सजा नहीं कर रहे हैं या फिर नहीं करना चाहते हैं उन सभी लोगों के लिए विकल पी सत्यापन की व्यवस्था भी लागू किया जाएगा यह कदम धोखाधड़ी और फर्जीव को रोकने के लिए और काम करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव मान जा रहा है। साथ ही सरकार डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र और रिकॉर्ड के डिजिटल रखरखाव की भी अनुमति देने वाली है।
जमीन रजिस्ट्री नियम।
आप सभी को बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाना और दस्तावेजों के डिजिटल संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए एक उद्देश्य और महत्व पूर्ण नियम तैयार कर लिया है यह कानून 117 साल पुरानी रजिस्ट्रेशन अधिनियम की जगह को लगा बता दे कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत भूमि संशोधन विभाग के तरफ से मसौदे को जनता की राय के लिए जारी किया है।
फिलहाल अभी देशभर में वर्तमान रजिस्ट्रेशन अधिनियम लागू है लेकिन राज्य सरकार को इसमें संशोधन करने का अधिकार है लेकिन इसके लिए भी केंद्र से परमिशन की आवश्यकता होती है कई राज्य के तरफ से पहले ही कानून में संशोधन करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनुमति दे दिया गया है।
इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार एक व्यापक कानून लाने का निर्णय लिया है जो कि पूरे देश में सामान्य रूप से लागू हो सकेगा, मसौदे विधेयक के तहत अब एग्रीमेंट तू सेल सेल्फ सर्टिफिकेट, पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी,इक्विटेबल मॉर्टगेज जैसे दस्तावेज का रजिस्ट्रेशन अनुवाद कर दिया गया है।